देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा को लेकर संयुक्त मोर्चा आउटसोर्स कर्मचारी संघ उत्तराखंड की महत्वपूर्ण बैठक देहरादून में आयोजित की गई।

बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी आंदोलन और संगठन की रणनीति तय की।

बैठक में प्रमुख रूप से “समान कार्य के लिए समान वेतन” और नियमितीकरण के मुद्दे को लेकर सरकार के समक्ष मजबूती से आवाज उठाने का निर्णय लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिया गया है, उसी प्रकार कॉन्ट्रैक्ट लेबर (रेगुलेशन एंड एबोलिशन) एक्ट, 1970 के तहत कार्यरत सभी ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को भी समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार मिलना चाहिए।

बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए, ताकि उन्हें रोजगार की सुरक्षा और अन्य वैधानिक सुविधाएं मिल सकें।

इसके अलावा आगामी दीपावली बोनस को लेकर भी कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।

संगठन ने सरकार से मांग की कि सभी आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों को दीपावली बोनस प्रदान किया जाए।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मंगलेश लाखेड़ा, प्रदेश महामंत्री पान सिंह चिलवाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय कुमार, प्रदेश संरक्षक कुंवर पाल, प्रदेश द्वितीय संरक्षक निशा चलाल बिष्ट सहित संगठन के समस्त कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।

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