हल्द्वानी। नैनीताल और विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम को रोपवे से जोड़ने की प्रस्तावित योजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम हल्द्वानी पहुंचे, जहां सर्किट हाउस में नैनीताल और कैंची धाम के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में पर्यटन सचिव धीराज गार्बियल और लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने परियोजना के क्रियान्वयन, संभावित रूट, यातायात के दबाव को कम करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया। इसके बाद प्रमुख सचिव समेत अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
अधिकारियों ने काठगोदाम रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, रानीबाग और एचएमटी क्षेत्र का निरीक्षण कर परियोजना की संभावनाओं को मौके पर परखा। स्थलीय निरीक्षण के दौरान रोपवे के संभावित रूट और यातायात व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को देखा गया।
प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि सरकार की योजना विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल और विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम को रोपवे कनेक्टिविटी से जोड़ने की है। इसी योजना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आज संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया है।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नैनीताल और कैंची धाम में लगातार बढ़ रहे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के कारण सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में रोपवे को यातायात व्यवस्था के लिए एक वैकल्पिक और महत्वपूर्ण साधन के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
काठगोदाम से कैंची धाम तक प्रस्तावित रोपवे कनेक्टिविटी
प्रस्तावित योजना के तहत काठगोदाम से हनुमानगढ़, भवाली होते हुए कैंची धाम तक रोपवे सिस्टम विकसित किए जाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे नैनीताल और कैंची धाम आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों की कनेक्टिविटी तथा उपलब्ध स्थानों का जायजा लिया। परियोजना से जुड़े विभागों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सरकार की इस प्रस्तावित परियोजना को पर्यटन और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ इसके रूट, तकनीकी पहलुओं और अन्य औपचारिकताओं को लेकर संबंधित विभागों की ओर से विस्तृत कार्यवाही की जाएगी।






