भीमताल विधानसभा के सुवाकोट पोखरी में खेतों में पहुंचकर साझा किया श्रम, खेती-किसानी और मिट्टी से जुड़ाव का दिया संदेश।
भीमताल। राज्य आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता हरीश पनेरू ने एक बार फिर जमीन से जुड़ाव और ग्रामीण जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। भीमताल विधानसभा क्षेत्र के सुवाकोट पोखरी गांव में हरीश पनेरू खेतों में उतरकर किसानों के साथ गेहूं की बुवाई करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कृषि कार्य में प्रतिभाग किया और खेती-किसानी के पारंपरिक महत्व को करीब से महसूस किया।
इस अवसर पर हरीश पनेरू ने किसानों के साथ मिलकर खेतों में श्रम किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहाड़ की पहचान का अभिन्न हिस्सा है। पहाड़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में खेती और किसानों से जुड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने खेतों में पहुंचकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि पहाड़ की असली ताकत उसके गांव, खेत, किसान और मेहनतकश लोग हैं। आज के दौर में जहां युवा खेती से दूर होते जा रहे हैं, वहीं कृषि कार्यों को प्रोत्साहित करना और नई पीढ़ी को मिट्टी से जोड़ना बेहद जरूरी है।
सुवाकोट पोखरी में किसानों के साथ गेहूं की बुवाई में उनकी सहभागिता ने ग्रामीण परिवेश के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाया। खेतों में श्रम करते हुए उन्होंने किसानों की मेहनत और पहाड़ की कृषि परंपरा के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया।
हरीश पनेरू की इस पहल को ग्रामीण जीवन, किसान सम्मान और अपनी माटी से जुड़ाव के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

