भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुआ था पुल का संपर्क मार्ग, जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब; लापरवाही मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश करते हुए देहरादून के नंदा की चौकी स्थित पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड को महज 12 घंटे के भीतर दोबारा यातायात के लिए सुचारु कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से युद्धस्तर पर राहत एवं मरम्मत कार्य चलाकर रिकॉर्ड समय में मार्ग को बहाल कर दिया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण नंदा की चौकी स्थित पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे यातायात प्रभावित हो गया और लोगों की आवाजाही में दिक्कतें आने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करने और जल्द से जल्द मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीम ने बिना समय गंवाए मरम्मत कार्य शुरू किया। मशीनों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से दिन-रात कार्य करते हुए करीब 12 घंटे के भीतर एप्रोच रोड की मरम्मत पूरी कर ली गई और मार्ग को फिर से यातायात के लिए खोल दिया गया।

मार्ग बहाल होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य रूप से शुरू हो गया। इसी दौरान एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सफल रही, जिससे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की उपयोगिता स्पष्ट रूप से सामने आई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड और संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही, निर्माण मानकों के उल्लंघन या गुणवत्ता में कमी की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि मात्र 12 घंटे में मार्ग को दोबारा चालू कर देना प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता का प्रमाण है। लोगों ने इसे जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली सरकार का उदाहरण बताया।

राज्य सरकार ने दोहराया है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और जनहित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने और राहत एवं पुनर्स्थापन कार्य पूरी तत्परता के साथ जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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