चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनता मिलन कार्यक्रम में अधिकारियों को मौके पर ही सिंघम स्टाइल में क्लास लगाई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
फरियादियों की शिकायत पर डीएम ने मौके पर ही अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और लापरवाही पर फटकार भी लगाई।

एक शिकायत पर डीएम ने अधिकारियों को बैठक से बाहर भेज दिया। डीएम ने अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाने और शाम तक रिपोर्ट पेश करने को कहा। लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने अधिकारियों को सस्पेंड करने की बात कही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जै गांव जेतोली के ​ग्रामीणों ने डीएम को पेयजल की समस्या बताई, जब डीएम ने संबंधित अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कार्य होने की बात कही, लेकिन ​ग्रामीणों ने डीएम को ग्राउंड जीरों की सच्चाई बताई, जिससे डीएम को गुस्सा आ गया, उन्होंने अधिकारियों को बाहर चले जाने के लिए कहा। डीएम ने कहा कि शाम तक जानकारी चाहिए कि गांव में कितना काम हुआ है। लापरवाही पाई गई तो दोनों सस्पेंड हो जाओगे। वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

चंपावत के डीएम मनीष कुमार ने जनता मिलन कार्यक्रम में सैनिकों, नागरिकों की समस्याओं को सुना। एक सैनिक की शिकायत पर डीएम ने तहसीलदार को सर्वे के लिए भेजा। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनतामिलनकार्यक्रम में कुल 89 शिकायतें प्राप्त हुईं।

फरियादियों ने सड़क, पेयजल, आपदा मुआवजा, जंगली जानवरों से फसलसुरक्षा, पीएम आवास योजना, सोलरलाइट, स्कूलभवन ध्वस्तीकरण, नहरों व गूलों सम्बन्धी, और अन्य मूलभूत समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया और शेष मामलों पर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्राम प्रधान, नागरिक और सेना के जवानों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। ग्राम प्रधान रमक के कृष्णानंद जोशी ने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु फेंसिंग और तारबाड़ लगाने की मांग की, जबकि नायल के नारायण दत्त ने सोलर लाइट की तत्काल उपलब्धता की आवश्यकता बताई। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी, उद्यान अधिकारी और संबंधित विभागों को इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके अलावा ग्राम बजौन के बची राम ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बजौन के जूनियर भवन के ध्वस्तीकरण का मुद्दा उठाया, जिस पर PWD अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने का आदेश दिया गया। ग्राम नायल के जगदीश चंद्र ने पेयजल पंपिंग योजना की क्षतिग्रस्त स्थिति की जानकारी दी, जिस पर जल संस्थान को अधिकतम एक सप्ताह के भीतर योजना सुचारू करने के निर्देश दिए गए।

लोहाघाट के गणेश दत्त पांडे ने ध्वस्त यूरिडा घराट को पुनर्जीवित करने की मांग की, जबकि सेना के जवान दीपक भट्ट ने भूमि जांच के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी शिकायताओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष शिकायतों का सात दिन के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने सिचाई विभाग को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव जाकर नहरों और गूलों का सर्वे करें, तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों की बाउंड्री वॉल बनाने को खंड विकास अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करने के आदेश दिए।

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